Check Bounce Change Rules : आप सभी को बता दे की चेक बॉस को लेकर एक न्यूज़ जारी किया गया जो आप सभी को जाना बहुत जरूरी है क्योंकि चेक बाउंस एक ऐसा साधन जो व्यापारी एवं अन्य लोगों से जुड़े हुए हैं और इनका उपयोग करते हैं उन सभी के लिए एक बात का सलाह बैंकों से और आरबीआई नियमों को पालन करते हुए चलना होगा अक्सर या नहीं समझ पाते की चेक बाउंस होने पर केस की अदालत में दायर किया जाए इस उलझन की वजह से समय पैसा और मानसिक तनाव बढ़ जाता है हर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक बड़ा स्पष्ट सुनाया जो व्यापारियों और आम लोगों के लिए राहत भरा खबर है न्यायालय ने साफ कर दिया कि चेक बाउंस को हमला केवल उसी अदालत में जारी किया जा सकता है जिस जहां शिकायतकर्ता और बैंक खाता स्थित है इस फैसले से कानूनी की गलत व्याख्याओं को फर्जी कानूनी जातिलों पर रोक लगेगी न्यायालय ने उनकी पुष्टि की है।
चेक बॉस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का क्या आदेश है ।
आप सभी को एक बार जाना बहुत जरूरी क्योंकि रबी एवं बैंकों के नियम को पालन करते हुए चलने पर आप लोगों को कोई तरह का दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 और 142 कितना चेक बाउंस मामले में यूरिक एक्शन केवल उसे अदालत का होगा जहां पैसे पाने का बैंक खाता हूं इसका मतलब है कि आप आरोपीय एक बैंक या चेक जारी करने की जगह आधार नहीं बनाया जाएगा कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि मुझे पीड़ित को न्याय तक पहुंचने में आसानी देना और फर्जी देश को रोकना होगा इस फैसले से पूरे देश में चेक बॉक्स मामलों में एक समान नियम लागू होगा और किसी भी धर्म किसी से नहीं रहेगी व्यापारिया आम लोगों अब अपने शहर या किसी भी लाखों में अदालत में किस तैयार कर सकते हैं ।
व्यापारियों को क्या फायदा होगा ।
आपको यह बात की जानकारी होना बहुत ही स्पष्ट है कि फैसले से बड़ा फायदा यह है कि पीड़ित को दूर दराज की अदालत में नहीं जाना पड़ेगा और यात्रा का खर्च बचेगा और अपनी इलाका में रहने पर संतुष्टि से कोई भी काम कर पाएगा वहीं पर दिल की फीस और समय की बचत भी होगी जिसे कानूनी प्रक्रिया का सरल और देसी किया जाएगा मैं प्यार को अपने हिसाब में किस धार करने की सुविधा मिलेगी और लेनदेन पर भरोसा मजबूत होगा छोटे व्यवसाययों और दुकानदारों का अभिषेक के जरिए होने वाले लंदन की सुरक्षा प्रतिष्ठा मिलेगी ।